Thursday, January 11, 2018

20वें कला मेले का 8 जनवरी को हुआ समापन |

20वें कला मेले का 8 जनवरी को हुआ समापन |

Press news                              10 January 2018
85 वर्षीय रणजीत सिंह चूड़ावाला लाईफ टाईम अचीवमेंट अवार्ड से सम्मानित |
वस्त्र नगरी- भीलवाड़ा
कला मेले में एस. भट्ट के चित्रों की कलाप्रेमियों, कलाकारों के साथ विदेशी कलाकारों ने भी की खुल कर तारीफ |
कहा एस.भट्ट की कलाकृतियां आर्ट वर्ड में नई सोच और नई दिशा को प्रेरित करती हैं |

भीलवाड़ा के प्रख्यात आर्टिस्ट एवं कला विश्लेषक एस. भट्ट की कला 20वें आर्ट फेस्ट में दर्शकों और पर्यटकों के आकर्षण का केंद्र रहीं इंटरनेशनल आर्टिस्ट माइकल थॉमस from CORSE फ्रांस के साथ कलाविद आर्टिस्ट श्री रंजीत सिंहप्रख्यात आर्टिस्ट श्री हिम्मत शाह व शब्बीर हसन काज़ी ने एस.भट्ट के आर्ट वर्क्स की खुलकर की तारीफओर बताया कि एस.भट्ट की कलाकृतियां आर्ट वर्ड में नई सोच और नई दिशा की और प्रेरित करती हैं |
यह जानकारी आलोक आर्ट गैलरी के निदेशक श्री गोवेर्धन लाल भट्ट ने दी ! उन्होंने बताया कि राजस्थान ललित कला अकादमी आयोजित पांच दिवसीय 20वें कला मेले का सोमवार 8 जनवरी को समापन हुआ। शाम ढ़ले हुए समापन समारोह में प्रदेश के पिचयासी वर्षीय चित्रकार रणजीत सिंह चूड़ावाला को लाईफ टाईम अचीवमेंट अवार्ड से नवाजा गया। अकादमी अध्यक्ष डॉ. अश्विन एम. दलवीकला एवं संस्कृति विभाग की उप सचिव रणजीता गौतम और मेला संयोजक डॉ. नाथू लाल वर्मा ने उन्हें सम्मान स्वरूप इक्यावन हजार रूपए की नकद राशिसम्मान पत्रशॉल और श्रीफल से सम्मानित किया। उल्लेखनीय है कि चूड़ावाला 1988 में अकादमी के ही कलाविद् सम्मान से भी नवाजे जा चुके हैं।

Director
ALOK ART GALLERY






Sunday, December 31, 2017

वस्त्र नगरी के सौरभ भट्ट 2018 में 20 वें कला मेले में बढ़ाएंगे अपनी कला का मान

वस्त्र नगरी के सौरभ भट्ट 2018 में 20 वें कला मेले में बढ़ाएंगे अपनी कला का मान भीलवाड़ा के प्रख्यात आर्टिस्ट एवं कला विश्लेषक सौरभ भट्ट अपनी कला का एकल प्रदर्शन (solo exhibition) जयपुर में आयोजित 20 वें कला मेले में करेंगे ! यह जानकारी आलोक आर्ट गैलरी के निदेशक श्री गोवेर्धन लाल जी भट्ट ने दी ! उन्होंने बताया कि राजस्थान ललित कला अकादेमी द्वारा 4 जनवरी से 8 जनवरी 2018 तक रविंद्र मंच पर 20 वे कला मेले का आयोजन किया जाएगा ! कला मेला में देश के कई सिद्ध-हस्त कलाकार शिरकत करेंगे ! समसामयिक व् वास्तविक विषयों के एक्सपर्ट सौरभ ने इस बार अपनी काला में नए प्रयोगों को शामिल किया हे ! सौरभ बताते हैं कि उनकी कलाकृति में उन्होंने हिरण्यगर्भ-ज्या, Vision (दृष्टि), Germination जर्मिनेशन (अंकुरण), Thinker (चिंतन)व् मातृत्व प्रेम आदि विषयों पर कलाकृति का निर्माण किया हे ! हाल ही बैंकॉक व् थाईलैंड में अपनी कला द्वारा भारत का मान बढ़ा चुके वस्त्र नगरी के सौरभ भट्ट बैंकाक में आर्ट विषयक सेमीनार और वर्कशॉप का भी आयोजन कर चुके हैं ! साथ ही आर्ट विश्लेषक के रूप में समसामयिक आर्ट और इसकी सामाजिक राष्ट्रीय उपयोगिता पर पत्र वाचन भी किया ! इससे पूर्व भी सौरभ स्थानीय स्तर से लेकर अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर विश्व के कई देशों में तक़रीबन 74 से ज्यादा आर्ट प्रदर्शनियॉ लगा चुके हैं ! यह भट्ट की 75 वी कला प्रदर्शनी हे ! कला मेले में राष्ट्रीय व् अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर ख्यात कलाकारों के साथ ही कला और संस्कृति से जुड़े कई सम सामयिक विषयों पर वार्ताए आयोजित की जाएंगी ! जिसमे देश के कई नामी कलाकार और चिंतक भाग लेंगे ! वार्ताओं का दौर 5 जनवरी से 7 जनवरी तक रविंद्र मंच के मिनी ऑडिटोरियम में दोपहर 3 से शाम 5 बजे के बीच आयोजित किया जाएगा ! कला मेले के इतिहास में पहली बार भाषाई संस्कृति को भी शामिल किया गया है। इसके तहत विभिन्न संस्कृतियों में कला के योगदान पर चर्चाएं आयोजित की जाएंगी साथ ही इन संस्कृतियों में कला का क्या रूप है ये बताने के लिए उसी संस्कृति के कलाकारों के विषेष लाईव डेमोस्ट्रेषन भी आयोजित किए जाएंगे। समारोह में इस बार कला के क्षेत्र में योगदान देने वाले एक बुजुर्ग कलाकार को 51 हजार रूपए के लाइफ टाईम अचीवमेंट अवार्ड से भी नवाजा जाएगा। Director ALOK ART GALLERY
























Monday, December 18, 2017

उड़ान...

उड़ान...
आज फ़िर मन ने कहा, "चलो कुछ नया किया जाये। ऐसा कुछ जो पहले ना कभी किया ना कभी सोचा।"
तब लगा मैन मचलने, उछलने, नए ख़्वाबों की ऊँची उड़ाने लगा भरने। तब उड़ान और ऊँची और भी ऊंची होती गई। मानो ना किसी की तलाश, ना कोई आशा... लग रहा मानो ख़ुद को पंछी सा पंख पसारे, बिचारों की उड़ाने भरने को आतुर, फिर एक परिन्दा अपने जीवन की शुरुआत करने को आतुर...
सौरभ की कलम से...

उड़ान...

उड़ान...
आज फ़िर मन ने कहा, "चलो कुछ नया किया जाये। ऐसा कुछ जो पहले ना कभी किया ना कभी सोचा।"
तब लगा मैन मचलने, उछलने, नए ख़्वाबों की ऊँची उड़ाने लगा भरने। तब उड़ान और ऊँची और भी ऊंची होती गई। मानो ना किसी की तलाश, ना कोई आशा... लग रहा मानो ख़ुद को पंछी सा पंख पसारे, बिचारों की उड़ाने भरने को आतुर, फिर एक परिन्दा अपने जीवन की शुरुआत करने को आतुर...
सौरभ की कलम से...

Saturday, October 14, 2017

Reflector

Life is a mirror and will reflect back to the thinker what he thinks into it.

Tuesday, May 23, 2017

इस शख्श को बयान करू कैसे,


इस शख्श को बयान करू कैसे,
उसे कभी सोते देखा ना कभी जागते
वो तो चलता गया चलता गया चलता......
न रुका वो कभी, न थका वो कभी,
न दिखा वो किसी को, न देखा किसी को
धुन का रामी, गुण का धनि
आया वो सुक्ष्म,
कर गया नुक्लियर सभी को
न जानता वो किसी को
न जानने देता कभी
कहता बस इतना कि
"रुको मत, चलते चलो,
मंजिल तक पहुँच कर
दूसरी मंजिल कि तलाश ही जीवन है कि
रुको मत... रुको मत... रुको मत...



सौरभ कि कलम से...