Tuesday, May 29, 2018

शुक्रिया मेरे ईश्वर !!!

शुक्रिया मेरे ईश्वर !!!

कला क्षेत्र में आना मेरे लिए सौभाग्यहार की बात है, और
कलाकर होना मेरे लिए एक उपहार |
यह सब आपका प्यार और प्रोत्साहन ही है कि कला की दुनिया में कदम रखने का जोखिम उठा पाया और धीरे - धीरे कदम मज़बूती की ओर बढ़ते चले।
आप सभी से आशीर्वाद और शुभकामना की आस में ...🙏
आपका आभार व्यक्त करता हूँ |

मुझमे इस नायाब और पवित्र कला की शिक्षा देश के महान एवं प्रतिभाशाली गुरुओं से मिली जिनमे मेरे पूजनीय गुरु श्री अमित गंजू व श्रीमति नवीना गंजू जी हैं, जिन्होंने प्रारम्भिक कला की शिक्षा व कला की नई सोच प्रदान की। बाद में कला की बारीकियों व कला जीवन को गहराई से समझने में कलाविद श्री रमेश गर्ग, पद्मश्री स्व. श्रीलाल जोशी जी, पद्मश्री स्व. कृपाल सिंह जी शेखावत जैसे महान कला गुरुंओं का सानिध्य प्राप्त हुआ।

मेरी सम्पूर्ण कला यात्रा का श्रेय मेंरी मम्मा स्व. श्रीमति कौशल्या भट्ट को जाता है ।
उन्ही के करकमलों द्वारा आज ये संस्कार मुझमे पनपे कि मैं अपने देश की कला-जगत में अपना और अपने परिवार जनों का नाम रोशन कर सकूं।
साथ ही सुदृढ़ विचारों और रचनात्मकता के धनी मेरे पिताश्री श्री गौवर्धन लाल भट्ट के आशीर्वाद से यह मुकाम हासिल करने की शक्ति मिल पाई।
मेरी इस अपार सफलता और जनप्रेम के पीछे एक खास शख्स की अहम भुमिका है, जिन्होंने मुझे कला जगत की और अग्रसित ही नहीं अपितु जीवन की प्रत्येक मोड़ पर मार्गदर्शन किया। इन्होंने मुझे ही नहीं वरन स्वयं की शख़्सित को भी समाज से परे एक ideal personality के रूप में निखारा। इनकी प्रेरणा दायक जीवन यात्रा तक यह कितने पहाड़ चढ़ी यह बखान करना और उस सोच तक पहुँच पाना लोहे के चने चबाने जैसा होगा।
इन्होंने जीवन मे जो सोचा उसे पूर्ण भी किया, उस कार्य के अंतिम चरण तक किया। इस प्रेरणा दायक शख्सियत के जीवन का प्रत्येक पहलू समाज व देश के लिए शिक्षाप्रद है, जिन्होंने मुझ जैसे संकोची बालक को दुनिया से मुखातिब होने की तालीम दी, और न सिर्फ तालीम बल्कि एक अच्छा इंसान होने तक मिट्टी के घड़े को समयानुसार परिपक्वता की ओर अग्रसित भी किया।
मेरेलिये यह शख़्सियत आदर व सम्मान से परे एक पूजनीय व प्रेरणादायक स्त्रोत के रूप में एक अहम किरदार निभातीं हैं, यह और कोई नहीं मेरी प्यारी बहन सुश्री डॉक्टर कुसुम भट्ट हैं।
मेरी इस सफलता का सम्पूर्ण श्रेय डॉ कुसुम भट्ट को दूँ तो मेरेलिये यह कोई अतिशयोक्ति न होगी।
शुक्रिया मेरे ईश्वर आपने इस परिवार में मुझे जन्मा और पूजनीय मातापिता के आशीर्वाद से व प्रेरणादायक भाई- बहन का प्यार और जीवन संगिनी के रूप में नलिनी जी को जिन्होंने हरकदम पर मेरी सोच को नई दिशा प्रदान की और एक खूबसूरत, होनहार तोहफे के रूप में मास्टर अमोल को मेरे सुपुत्र के रूप में मुझे दिया।
में आप सभी का मन की गहराइयों तक भी शुक्रिया करुण तो भी कम होगा । मैं मेरेईश्वर से गुजारिश करता हूँ की प्रत्येक जन्म में मुझे यह ही पवित्र रिश्तो का हिस्सा बनाये ताकि मैं और गुण अर्जित कर सकूँ।
शुक्रिया मेरे ईश्वर !!!


















Tuesday, May 22, 2018

INIFD INDIA, DESIGN EXTRAVAGANZA 2018, "BHILWARA STYLE AWARD" to SOURABH BHATT

INIFD INDIA, DESIGN EXTRAVAGANZA 2018, "BHILWARA STYLE AWARD" to SOURABH BHATT
Swift Group of Institutes feels immense pleasure to present “Bhilwara Style Award” to SOURAMH BHATT for his unique identity and presence in his professional fraternity.
The Award will be presented during INIFD “Design Extravaganza 2018”.
The Award will be presented by our distinguish guest
MR. ASHLEY REBELLO
(Famous Bollywood Fashion Designer & Personal Stylist of Superstar Salman Khan)
Date:- 20 May 2018 ; Time:- 5 PM
Venue:- Town Hall,
Bhilwara
Profile Summary:
SOURABH BHATT- BORN ARTIST AND A CREATIVE GENIUS OF HIGH ORDER
उत्कृष्ट लक्ष्य की प्राप्ति ही सभी प्रयासों में सबसे महान है...
यहाँ जब हम उत्कृष्टता के ऐसे व्यक्तित्व की बात करते हैं, तो युवा और जीवंत कलाकार सौरभ भट्ट का नाम अकेले गौरवान्वित होता है। कला और डिजाइन के सभी क्षेत्रों में उनके काम का असाधारण व्यक्तित्व ही उनकी पहचान है |
उनकी कला न केवल प्रेरणादायक बल्कि महत्वाकांक्षी है, साथ ही एक गहन संदेश के साथ जीवन के समग्र दृष्टिकोण को भी छूती है...
उनका नाम आर्ट की दुनिया में सर्वव्यापी प्रभाव के लिए पहले से ही सम्मान के साथ सम्मानित है और इनकी कला अब अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी बजबूत कदम जमा चुकी है... उन्होंने लंदन, स्कॉटलैंड, ब्राजील, ब्रिटेन, डेनमार्क, नेपाल, भूटान, मालदीव, श्रीलंका और थाईलैंड जैसे कई देशों में अपनी कला के माध्यम से भारत का प्रतिनिधित्व किया है।
राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर 75 से अधिक कला प्रदर्शनी आयोजित हो चुकी है
राजा रवि वर्मा, आदरांजलि पुरस्कार के लिए 2006 में राष्ट्रीय कला प्रदर्शनी, भोपाल में उनकी चित्रकारी "मातृत्व प्रेम" का चयन किया गया।
कालिदास पुरस्कार के लिए 2007 में मध्य प्रदेश गवर्नमेंट द्वारा वार्षिक कला प्रदर्शनी में एक और चित्रकारी "राघुवंशम" का चयन किया गया|
राजस्थान ललित कला अकादमी द्वारा तीन बार उनकी कला "आतंकवाद, डेस्टॉरशन और आग के अवशेष" जैसी ज्वलंत विषयों पर बनाई कलाकृति का चयन किया गया|
साथ ही कला जगत के महान कला गुरुओं में से स्व. कृपाल सिंह शेखावत ने उनकी प्रतिभा को परख कर ये कहा की, "सौरभ तू काम करता चला जा, तेरा ज़माना इंतज़ार कर रहा है|" ये शब्द मानो सौरभ के लिए एक नई दिशा मिलने जैसे थे…
सौरभ भट्ट द्वारा कला को समर्पित उनका सम्पूर्ण जीवन... इतना सम्मान और प्रतिष्ठा प्राप्त करने के बाद उनके पैर दृढ़ता से अच्छी तरह से जमीन पर हैं और नम्रता की एक सहज भावना के साथ विनम्र भी, जो आजकल दुर्लभ है...
वे आज भी अपनी इस अद्भुत सफलता का श्रेय अपने परिवार सहित पिता, श्री गौवर्धन लाल जी भट्ट व् माता स्व. श्री कौशल्या भट्ट को देते हैं | जिन्होंने इस बीज को सींचा और वृक्ष होते देखा है |
एक सक्षम और मेहनती कलाकार जो विभिन्न कलात्मक आयामों के माध्यम से मूल विचारों, सिद्धांतों और आकर्षण की श्रृंखला के साथ स्वयं को सक्षम बनाता है। एक ऐसे व्यक्ति के रूप में जिसने पहले से ही अपने करियर की दिशा की पहचान की है आइये उन्हें मंच पर आमंत्रित करते हैं|

Thursday, May 10, 2018

|| ये खामोश दीवारें ||

|| ये खामोश दीवारें ||

|| ये खामोश दीवारें ||


|| चुप खामोश दीवारें, कह रहीं न जाने कुछ...

अपने में समाहित, कई खामोश कहानियां || 

चुप सी रहती, सहती, न कहती कुछ...||


|| सोचा चलो यूँ ही दीवारों से दोस्ती की जाये।

कुछ अपनी तो कुछ पराई यादें ही ताज़ा की जाये || 

आखिर ये भी तो चाहती कुछ कहना, सुनना किसी से...


तो यूँ ही बैठ गया और लगा गुफ्तगू करने...

यक़ीन मानें जो परत-दर-परत खुलती गयी दीवारें...


अपनों का अपनों से संवाद जो परवान पर था

दू_________री अब नज़दीकियों में तब्दील हुई प्रतीत होती ...


ऐसा मिलान संयोगवश बरसों बाद हुआ |

मानों सपरिवार मिलान समारोह का आयोजन हुआ ||


था सबकुछ काल्पनिक |

परन्तु कल्पना से परे ||


अपनों का अपनों से मिलान ...

एक अलग ही रसानुभूति करा गया || 


|| ये खामोश दीवारें ||










Tuesday, April 10, 2018

HANDMADE CAMERA 2018-19

IMAGINATION is just a thinking
Think out, be great
Every one have a camera,
It just depends on your vision...

Aesthetic Beauty is every where..
just need to learn to see it and feel it..

Yes this was the sudden and combined lecture with grade VI-CP & IX-IGCSE Students.

In this photographic basic class, the upcoming talent learned and understand the basic concept of photo capturing. And able to understand the power of vision.

Now they have vision to see the world through Artistic Eye with their own hand made camera...

Just zoom and see it, how they are observing and capturing the  beauty.